Nov 6, 2013

कुछ समय पहले सामना हुआ हकीकत से मेरा

Drhira Alawa Shared -

||कुछ समय पहले सामना हुआ हकीकत से मेरा ||
दोस्तों कुछ दिन पहले में इंदौर युवा शक्ति महापंचायत के लिए इंदौर गया था इंदौर से मेरा घर १७० किलोमीटर दूर कुक्षी तहसील के भैसलाय गाव में है
गाँव में मेरे बचपन के दोस्त मुझसे मिलने के लिए आये
दो दिनभर खेतो में काम कर कर के बहुत थक हारे थे मुजसे मिलकर बहुत खुश हुवे मुझे भी उनसे मिलकर बहुत ख़ुशी हुवी
थोड़ी देर मुझसे बात करने के बाद मुझसे पैसे मांगने लगे मेने कहा क्योँ पैसे चाहिए भाई तो उनका कहना था कि हमको दारु /हांडिया पीना है
मेने कहा किसी दूसरे काम के लिए मांगे होते तो में कितने भी दे देता पर दारु पिने के लिए तो १ रुपया भी नहीं देने वाला हु
फिर में वो लोग मुझे बहुत जिद करने लगे फिर भी मेने आखिर दारु पिने के लिए पैसे नहीं दिए उनको
फिर मेने उनसे पूछा या ये बताओ तोड़े दिन बाद हमारे यहाँ विधान सभा चुनाव होने वाले है तो अगर एक उमीदवार बहुत पड़ा लिखा है समझदार , ईमानदार है लेकिन चुनाव में वो तुम लोगो को ना तो दारु बाटेगा और ना ही पैसे बाटेगा
और दुसरा उम्मीवार एक न का लुटेरा ,बदमाश ,दारु का धंधे करने वाला और बईमान आदमी है लेकिन वो तुमको दारु भी बाटेगा और पैसे भी बाटेगा तो तुम लोग उनदोनो में से किसको वोट दोगे तो उन लोगो का कहना था कि जो हमें दारु और पैसे बाटेगा हम उसी को बोट देंगे ये १०० पर्सेंट सत्य है उनका यही कहना था
मेने माथा पिटा फिर सोचा कि इन भोलेभाले आदिवासी युवाओ कि भी गलती नहीं है क्योकि इन युवाओ को कभी कोई सही राहा दिखाने वाले मिले ही नहीं
फिर में उनको एक वोट कि कीमत समझाई फिर माने कि भाया आप तो सही बात कर रहे हो यार
दोस्तों ये कहानी झूटी नहीं है ये हकीकत है और ये मेरे गाँव कि नहीं जायदातर ग्रामीण क्षेत्रो के है जहा के युवा अनपढ़ है उन्हें नहीं पता है कि एक वोट कि कीमत क्या है
लेकिन दोस्तों आज आदिवासी समुदाय के बहुत सारे युवा पड़लिख कर बहुत अच्छे अच्छे पदो पर पहुच चुके है उन सभी युवाओ कि जिम्मेदारी है कि आपने अपने गाँवों में जाए और अपने भोले भाले आदिवासिओ को एक वोट का महत्व समझाए अगर एक बोतल दारु और थोड़े से पैसे के लालच में अगर आदिवासी समुदाय अपने वोट कि कीमत लगता रहा तो कभी भी आदिवासी समुदाय अपने अस्तित्व को नहीं बचा पायेगा
@जय आदिवासी युवा शक्ति @

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