Nov 21, 2013

Mahendra Kannoj on his work

Mahendra Kannoj shared -

दोस्तो! इस समय मै बहुत ही सघँर्षपुर्ण दौर से गुजर रहा हुँ। और कहते भी है अच्छे काम करने मे अडचने भी बहुत आती है । दोस्तो अपने अभियान "शराब-पैसा बाटने वाले पर नजर रखना है ,लोगो को शराब-पेसो मे न बिकने के लिए समझाना है । तो हम भी लोगो को समझाने गाँवो मे जा रहे है लोगो को समझा रहे है । गरीब बिमार लोगो की समस्या सुन रहे है उनकी मदद कर रहे है ! तो नेताओ को शायद हमसे डर लगने लगा है । और सच कहु मेरे पास कई नेता कार्यकर्ताऔ का फोन आता है, कोई मुझे समझाने की कोशिस करता है,कोई डराने के फिराक मे है ,कोई कहता अच्छा काम कर रहे हो ,कोई कहता है तुम्हारे आदिवासी कभी नही सुधर सकते है ! कोई मुझे लोगो को भडकाने तक कह रहा है । अस्पताल के डाँक्टर मुझे गुण्डा बता रहे है ऐसी कई बातो का जवाब देकर इस समय काफी सघँर्षपुर्ण के दौर से गुजर रहा हुँ। मै इन सभी को कहना चाहता हुँ । डरना मेरी सँस्क्रति मे नही है और मेरा आदिवासी समाज बेवकुफ नही है। अच्छे-बुरे काम की मुझे भी समझ है। और गरीबो के लिए आवाज उठाने,उनके हक के की बात करने वाले को गुण्डा कहाँ जाता है ,तो बैसक मै गुण्डा ही रहना पसन्द करूगाँ।मुझे मेरे आदिवासी होने पर गर्व है, मै नमन् करता हु मेरे समाज को ।मेरा तो कहना है दोस्तो! .... "ना सघँर्ष ना तकलीफ तो क्या मजा है जिने मे, बडे-बडे तुफान थम जाते है, जब आग लग जाती है सिने मै" @जय युवा शक्ती@ Mahendra kannoj,precident-T.M.Y.S KUKSHI (dhar-m.p) mo.9893166520 9425993944 email-mahendrakannoj520@gmail.com

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